डाॅ.प्रदीप दूबे द्वारा रचित काव्य संग्रह जीवन उमंग का हुआ विमोचन
सुरेश कुमार कनौजिया की रिपोर्ट
सुइथाकला/शाहगंज
विकासखण्ड स्थित सुइथाकला निवासी कवि,शिक्षक पत्रकार डाॅ.प्रदीप कुमार दूबे द्वारा रचित काव्य संग्रह जीवन उमंग का विमोचन जिलाधिकारी जौनपुर द्वारा किया गया।डाॅ.दूबे के निज आवास पर आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिलाधिकारी डाॅ.दिनेश चंद्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि दुनिया में सभी अमर होना चाहते है,अमरत्व प्राप्त करने का सबसे उच्च कोटि का माध्यम लेखन होता है,लेखन कार्य करने वाला व्यक्ति करना व्यक्ति अमर हो जाता है।विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रधानाचार्य डा.अजेय प्रताप सिंह
ने विमोचन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि डाॅ.दूबे की कवितायें समसामयिक होने के साथ हीं आज के लिए प्रेरणादायक है।मंचस्थ विशिष्ट अतिथि उपजिलाधिकारी कुणाल गौरव तहसीलदार अवनीश सिंह और नायब तहसीलदार राहुल सिंह ने काव्य विमोचन की बधाई दी।सम्प्रति डाॅ.दूबे राम चरन सिंह इण्टरमीडिएट कालेज रवनियाॅ-सुलतानपुर में हिन्दी शिक्षक के रूप में कार्यरत रहने के साथ हीं विभिन्न राष्ट्रीय समाचार पत्रों में अपनी लेखनी के माध्यम से हिन्दी साहित्य के उन्नयन में अपना योगदान दे रहे है,कई राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय सेमीनार और सम्मेलनों में शोध आलेख की प्रस्तुति तथा अनेक साहित्यिक पत्रिकाओं में इनके आलेख प्रकाशित हो चुके हैं,पुस्तकों मे जीवन तरंग का प्रकाशन होने के साथ हीं ‘ज्ञान सिन्धु ‘जीवन रहस्य’, ‘मानस माहात्म्य भाग-एक’ काव्य संग्रह और अन्य आलेख प्रकाशनाधीन हैं।हिन्दी साहित्य सेवा के फलस्वरूप इन्हे उत्तर-प्रदेश साहित्य गौरव सम्मान,साहित्य श्री एवं ‘साहित्य शिरोमणि’ सम्मान,
साहित्य शिखर’ सम्मान एवं
भारत गौरव’ सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। जीवन उमंग काव्य संग्रह विमोचन के अवसर पर डा.दूबे ने बताया कि काव्य संग्रह जीवन उमंग मंगलमय श्री हनुमान जी की स्तुति से प्रारम्भ होकर भारत की महिमा का अविरल गुणगान किया गया है। काव्य संग्रह जीवन उमंग में जीवन के विविध पक्षों का यथार्थ चित्रण किया गया है, पुस्तक में निरूपित छन्दबद्ध रचना ज्ञान,भक्ति, वैराग्य और माया का सम्यक निरूपण कराती हुई इह लोक के साथ हीं परलोक सुधारने का संदेश देती है।हंस प्रकाशन दिल्ली द्वारा प्रकाशित जीवन उमंग पुस्तक की भूमिका राजस्थान विश्व विद्यालय के हिन्दी प्रोफेसर डाॅ.जितेन्द्र कुमार सिंह द्वारा लिखी गई है।काव्य संग्रह में शुभकामना विधान परिषद सदस्य एवं नेता शिक्षक दल ध्रुव कुमार त्रिपाठी और पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश पी.सी.मीना ने दी है। मुख्य अतिथि द्वारा वाग्देवी सरस्वती के चित्र माल्यार्पण एवं धूप दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रूप सेवा संस्थान के अध्यक्ष पं. राम कृष्ण त्रिपाठी ने कहा कि कवि हृदय डाॅ.दूबे को ज्ञान
दायिनी सरस्वती की निरन्तर कृपा बरसाने का आशीर्वाद दिया।प्राचार्य डाॅ.रणजीत पाण्डेय ने दूरभाष द्वारा बधाई देते हुए शुभकामना दी।विमोचन समारोह में जिलाधिकारी ने डाॅ.प्रदीप दूबे को स्वरचित पुस्तक कर्म कुम्भ भेंट किया।कार्यक्रम का संचालन कवि एवं शिक्षक राहुल राज मिश्र एवं आगन्तुक अतिथियों का आभार पं.दया शंकर दूबे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम संयोजन में सहभागिता मान्यता प्राप्त पत्रकार पं.राम दयाल द्विवेदी,वीरेन्द्र प्रताप सिंह,पत्रकार देवी सिंह (सोनू)शेषमणि दूबे,पत्रकार आशुतोष दूबे,आशीष दूबे,अंकित दूबे की रही।इस अवसर पर चिकित्साधिकारी डाॅ.आलोक सिंह पालीवाल,चिकित्साधिकारी डाॅ.रवीन्द्र चौरसिया,थानाध्यक्ष यजुवेंद्र सिंह,शक्ति प्रकाश सिंह, अरुण सिंह, डाॅ.अजय यादव,सुरेश पाण्डेय,विनय तिवारी,ठाकुर प्रसाद तिवारी,ज्योतिबाला,सुरेश सिंह, प्रेम सिंह, संकठा प्रसाद तिवारी,राकेश सिंह,राम धारी सिंह,हिरेन्द्र सिंह, कमलेश श्रीवास्तव सहित भारी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।








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